भीतर से स्वस्थ त्वचा: आदतें और आयुर्वेदिक सहयोग

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त्वचा भीतर की स्थिति दिखाती है

आयुर्वेद त्वचा को पाचन, रक्त और दोषों के संतुलन, विशेषकर पित्त, का आईना मानता है। दाने, रूखापन, खुजली और बेजानपन अक्सर खराब नींद, तनाव, गर्मी, बिगड़े पेट और कुछ भोजन से बढ़ते हैं। अच्छी त्वचा देखभाल सरल आदतों से शुरू होती है, भीतर भी और बाहर भी।

यह लेख आम आदतें बताता है और समझाता है कि आयुर्वेदिक स्किन सिरप कहाँ उपयोगी हो सकता है। यह सामान्य जानकारी है और त्वचा रोग विशेषज्ञ का विकल्प नहीं है।

त्वचा की दिनचर्या सरल रखें

चेहरे और शरीर को हल्के क्लींज़र से धीरे धोएँ, ज़ोर से रगड़ें नहीं और त्वचा रूखी हो तो मॉइस्चराइज़ करें। तेज़ धूप से बचाव करें। साफ़ तौलिये और तकिये के कवर उपयोग करें और उन्हें साझा न करें। दानों को दबाएँ या कुरेदें नहीं, इससे निशान रह सकते हैं।

त्वचा के लिए भोजन

ताज़े फल, सब्ज़ियाँ, दाल और भरपूर पानी आधार हैं। आँवला, पपीता और हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ पारंपरिक पसंद हैं। कई लोग पाते हैं कि बहुत तीखा, तैलीय, खमीरी या मीठा भोजन और ज़्यादा चाय-कॉफ़ी उनकी त्वचा बिगाड़ते हैं। अपने मामले में देखें कि क्या होता है।

नींद, तनाव और पसीना

नियमित नींद का समय, नियमित व्यायाम और आराम का कोई तरीका त्वचा के लिए उतना ही मायने रखता है जितनी कोई क्रीम। पसीने के बाद धोएँ और कपड़े बदलें। गर्म, उमस भरे मौसम में त्वचा की तहों को साफ़ और सूखा रखें।

इपिक्लेरिस के बारे में

इपिक्लेरिस एक आयुर्वेदिक सिरप (200 मि.ली.) है, जो भीतर से त्वचा स्वास्थ्य में सहायता करता है। पैक पर मजीठ, हरिद्रा, नीम छाल, सुंठी, आँवला, पीपड़ा छाल, करंज छाल, विजयसार, खैर छाल, कटुकी, घोड़ावज, चित्रक, भृंगराज, अनंतमूल, कुवाड़िया बीज और कंटकारी लिखे हैं।

मजीठ (मंजिष्ठा), नीम, हरिद्रा और अनंतमूल आयुर्वेद में त्वचा के स्वास्थ्य के लिए व्यापक रूप से उपयोग होते हैं। आँवला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट के लिए जाना जाता है और भृंगराज पारंपरिक रूप से त्वचा की मरम्मत के लिए उपयोग होता है। कटुकी और विजयसार शास्त्रीय योगों में त्वचा के आराम के लिए उपयोग होते हैं। उत्पाद पेज पर मात्रा और पैक की जानकारी है।

अपनी मुलाक़ात का अधिकतम लाभ उठाएँ

इपिक्लेरिस शुरू करने से पहले वे दवाएँ और पूरक लिख लें जो आप पहले से लेते हैं, कोई एलर्जी और जो भी बीमारियाँ बताई गई हैं। चिकित्सक से तीन बातें पूछें: क्या इपिक्लेरिस आपके लिए उपयुक्त है, कितने समय तक लेना है, और कौन से संकेत हों तो रुककर फ़ोन करना है। पैक साथ ले जाएँ ताकि घटक सूची साथ पढ़ी जा सके। आयुर्वेदिक औषधियाँ आपकी समग्र देखभाल में फिट होने के लिए हैं, और ज़रूरतें बदलें तो चिकित्सक योजना बदल सकता है।

आदतें किसी एक उत्पाद से ज़्यादा मायने रखती हैं। इस लेख से एक-दो बदलाव चुनें, कुछ हफ़्ते उन्हें रखें और देखें कैसा लगता है। लंबी सूची की तुलना में छोटे, लगातार बदलाव निभाना आसान होता है।

पैक और ऑर्डर

इपिक्लेरिस की पूरी घटक सूची, मात्रा और पैक की जानकारी उसके उत्पाद पेज पर पढ़ सकते हैं। यह 200 मि.ली. सिरप की बोतल में उपलब्ध है। पूरे भारत में शिपिंग मुफ़्त है और ऑर्डर के बाद पुष्टि ईमेल भेजा जाता है। ऑर्डर से पहले कोई प्रश्न हो तो health@chaukhambha.com पर लिखें या +91 63924 21924 पर कॉल करें।

उपयोग से पहले चिकित्सक से मिलें

यदि चकत्ते तेज़ी से फैलें, कोई धब्बा ठीक न हो, मवाद, बुखार या तेज़ दर्द हो, तिल बदले या त्वचा की समस्या बार-बार लौटे, तो चिकित्सक या त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाएँ। कुछ त्वचा रोगों में जाँच और विशेष इलाज चाहिए। जो क्रीम और दवाएँ पहले से उपयोग कर रहे हैं उनके बारे में चिकित्सक को बताएँ।

ये आयुर्वेदिक प्रोप्राइटरी औषधियाँ हैं, जो भारत में बिक्री के लिए हैं। इन्हें केवल चिकित्सक की देखरेख में उपयोग करें। शुरू करने से पहले पैक का लेबल पढ़ें और अपने चिकित्सक से परामर्श लें, विशेषकर यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, कोई दीर्घकालिक रोग है या अन्य दवाएँ ले रहे हैं। यह लेख सामान्य जानकारी है और चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। पूरे भारत में शिपिंग मुफ़्त है। चौखम्भा हेल्थकेयर की सभी औषधियाँ हमारे औषधियाँ पेज पर देखें।

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